पर्यावरण का विकास
- आज से 5000 वर्ष पूर्व लोग दूर-दूर रहा करते थे गांव में ढाणी बनाकर दूर-दूर रहा करते थे और अपने सीमित साधनों से ही अपना गुजर-बसर कर लेते थे वह साधारण वह लोग साधारण जीवन शैली अपनाते थे उनको ज्यादा संसाधनों की आवश्यकता नहीं होती थी
युग तो आते है जाते है,युगों के चक्रीय परिभ्रमण में धर्म के उत्थान और पतन का मूल कारक ईश्वर स्वयं होता है।प्रकृति के संतुलन के लिए यह आवश्यक है कि त्रि युगों के धर्म के तुल्य कलिकाल में अधर्म का प्रभाव बढे।
वास्तविकता में कलिकाल की पूर्णाहुति में समय का बहुत बड़ा भाग शेष है,परन्तु वर्तमान काल (कलिकाल के 5000 वर्ष पश्चात) इसी कलयुग मे एक स्वर्णिम रुद्रराज्य स्थापित होगा ही जो रामराज्य के समान ही धर्म को सम्पूर्ण भूलोक में स्थापित करेगा।इस रुद्रराज्य कि आयु 1000 वर्ष तक होनी है जिसमे धर्म कृतयुग के स्तर तक उठ कर पुनः शैन शैन सतयुग के स्तर पर आएगा।इस रुद्रराज्य के स्थापित होने का यह संधिकाल है,जो अपनी पूर्णता पर ही है
वास्तविकता में कलिकाल की पूर्णाहुति में समय का बहुत बड़ा भाग शेष है,परन्तु वर्तमान काल (कलिकाल के 5000 वर्ष पश्चात) इसी कलयुग मे एक स्वर्णिम रुद्रराज्य स्थापित होगा ही जो रामराज्य के समान ही धर्म को सम्पूर्ण भूलोक में स्थापित करेगा।इस रुद्रराज्य कि आयु 1000 वर्ष तक होनी है जिसमे धर्म कृतयुग के स्तर तक उठ कर पुनः शैन शैन सतयुग के स्तर पर आएगा।इस रुद्रराज्य के स्थापित होने का यह संधिकाल है,जो अपनी पूर्णता पर ही है
100 साल का पर्यावरण कितना दूषित हुआ
पर्यावरण (अंग्रेज़ी: Environment) शब्द का निर्माण दो शब्दों से मिल कर हुआ है। "परि" जो हमारे चारों ओर है"आवरण" जो हमें चारों ओर से घेरे हुए है। पर्यावरण उन सभी भौतिक, रासायनिक एवं जैविक कारकों की समष्टिगत इकाई है जो किसी जीवधारी अथवा पारितंत्रीय आबादी को प्रभावित करते हैं तथा उनके रूप, जीवन और जीविता को तय करते हैं।
सामान्य अर्थों में यह हमारे जीवन को प्रभावित करने वाले सभी जैविक और अजैविक तत्वों, तथ्यों, प्रक्रियाओं और घटनाओं के समुच्चय से निर्मित इकाई है। यह हमारे चारों ओर व्याप्त है और हमारे जीवन की प्रत्येक घटना इसी के अन्दर सम्पादित होती है तथा हम मनुष्य अपनी समस्त क्रियाओं से इस पर्यावरण को भी प्रभावित करते हैं। इस प्रकार एक जीवधारी और उसके पर्यावरण के बीच अन्योन्याश्रय संबंध भी होता है।
आइए अब जानते हैं कि दोबारा एक पवित्र पर्यावरण को वापस लाने की मुहिम किस महापुरुष ने रखी है जानते हैं उन महापुरुष के बारे में जो विश्व भर में जितने भी भविष्यवक्ता हैं जिन्होंने भारत के विषय में भविष्यवाणी करके रखी है कि वह महापुरुष आएगा और संपूर्ण पर्यावरण को वापस एक सतयुग जैसे पर्यावरण को के जैसा बदलकर बताएगा




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